रांची ग्राउंड जीरो: खादगढ़ा बस स्टैंड या जलता हुआ बारूद का ढेर ?​ आज बात उस लापरवाही की…
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रांची ग्राउंड जीरो: खादगढ़ा बस स्टैंड या जलता हुआ बारूद का ढेर ?​ आज बात उस लापरवाही की…

RANCHI- झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा की जहाँ से झारखण्ड के सभी पड़ोसी राज्यो के लिये बसों का परिचालन होता है।इस बस स्टैंड के रख रखाव और यात्रियों की सुविधाओं के लिये हरेक साल नगर निगम के द्वारा करोड़ों का टेंडर होता है। लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ की व्यवस्थाओं पर नजर डाला जाय तो नील बट्टा सनाटा। बस स्टैंड में सुरक्षा के नाम पर एक ‘डेथ ट्रैप’ बन चुका है।ज्ञात हो कि कुछ महीने पूर्ब बसों में लगीं आग की लपटों को लोगों ने देखा था लेकिन उसके बाद भी किसी की नींद नहीं खुली ?

​करोड़ों का ठेका, पर सुरक्षा ‘जीरो’!​खादगढ़ा बस स्टैंड से हर दिन हजारों मुसाफिर अपनी मंजिलों के लिए निकलते हैं लेकिन बुनियादी सुविधाओं के लिए बिरसा मुण्डा बस टर्मिनल यात्रियों की सुविधाओं के लिये तरस रहा है। यहाँ की सच्चाई जानकर आप भी चौक जाएंगे:।बस टर्मिनल में​अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) ढूंढने से भी एक चालू फायर एक्सटिंगुइशर नहीं है। क्या प्रशासन को लगता है कि आग बुझाने के लिए दुआएं काफी हैं?​एंबुलेंस की सुविधा एक भी डेडिकेटेड एंबुलेंस यहाँ मौजूद नहीं है। अगर किसी यात्री की तबीयत बिगड़ जाए या कोई हादसा हो जाए, तो अस्पताल पहुँचना किस्मत के भरोसे है।

​फायर ब्रिगेड की अनुपस्थिति: आए दिन बसों में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगती है, लेकिन जब तक शहर से दमकल की गाड़ियाँ पहुँचती हैं, तब तक लाखों की संपत्ति राख हो चुकी होती है।

​जनता की जान से खिलवाड़ कब तक ?

​हैरानी की बात यह है कि इस बस स्टैंड से सरकार और ठेकेदारों को करोड़ों रुपये का राजस्व (Revenue) मिलता है। पार्किंग से लेकर दुकानदारों से भी मासिक किराया वसूला जाता है।
लेकिन सवाल यह है कि यह पैसा जाता कहाँ है ?
​”क्या खादगढ़ा में किसी बड़ी घटना का इंतज़ार किया जा रहा है? बसें जलती है, धुआं उठता है, और फिर सब कुछ फाइलों में दबा दिया जाता है।”
​प्रशासन से सीधे सवाल!

​आज हम यह तीखे सवाल पूछने पर मजबूर हैं:

​जब आए दिन बसों में आग लग रही है, तो वहाँ फायर स्टेशन की यूनिट क्यों नहीं बनाई गई ?

​करोड़ों का टेंडर लेने वाली एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा के लिए जवाबदेह क्यों नहीं हैं ?

​क्या रांची का सबसे बड़ा बस स्टैंड इसी तरह राम भरोसे चलता रहेगा ?

यह सिर्फ खबर नहीं, उन हजारों यात्रियों की सुरक्षा की गुहार है जो हर दिन यहाँ से गुजरते हैं। खादगढ़ा बस स्टैंड की बदहाली सिस्टम पर एक कड़ा तमाचा है।अब वक्त आ गया है कि कागजी कार्रवाई छोड़कर जमीन पर काम किया जाए।