Delhi-NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन! अब पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों की खैर नहीं?
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Delhi-NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन! अब पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों की खैर नहीं?

Delhi-पेपर लीक करने वालों पर अब सरकार की सख्ती! NEET विवाद के बीच लोकसभा में बड़ा विधेयक पेश—दोषियों को 10 साल तक जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना!
संगठित पेपर लीक गिरोह पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना? 2 महीने में जांच और 3 महीने में मुकदमे के निपटारे का लक्ष्य—शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव!

देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।

विधेयक को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सांसदों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की और सदन में इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक परीक्षा में पेपर लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे कम से कम 5 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा दोषी पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

वहीं, अगर पेपर लीक या परीक्षा में धांधली का मामला संगठित अपराध से जुड़ा पाया जाता है, तो ऐसे मामलों में सजा और भी सख्त होगी। प्रस्ताव के अनुसार, दोषियों को कम से कम 7 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार ने परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच और सुनवाई को भी तेजी से पूरा करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान प्रस्तावित है।

इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की रोजाना सुनवाई किए जाने की व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है।

विधेयक के अनुसार, चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि तेज जांच और त्वरित न्याय की व्यवस्था से पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर उठते सवालों के बीच सरकार का यह प्रस्तावित संशोधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस विधेयक पर संसद में आगे की चर्चा और प्रक्रिया के बाद यह तय होगा कि इसे किस रूप में अंतिम मंजूरी मिलती है।

कुल मिलाकर, प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करना है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ कानून और अधिक कठोर हो सकता है।