CGPSC पेपर लीक केस में बड़ा धमाका! पूर्व चेयरमैन पर गंभीर आरोप, ED ने किया गिरफ्तार रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का खेल?CGPSC घोटाले में अब क्या खुलेगा राज?
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CGPSC पेपर लीक केस में बड़ा धमाका! पूर्व चेयरमैन पर गंभीर आरोप, ED ने किया गिरफ्तार रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का खेल?CGPSC घोटाले में अब क्या खुलेगा राज?

छत्तीसगढ़ – CGPSC पेपर लीक केस में बड़ा धमाका! पूर्व चेयरमैन पर गंभीर आरोप, ED ने किया गिरफ्तार रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का खेल?CGPSC घोटाले में अब क्या खुलेगा राज?

गिरफ्तारी और कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदुगिरफ्तारी की तारीख: 25 जुलाई 2026 को पीएमएलए (PMLA) की धारा 19 के तहत कार्रवाई की गई।रिमांड: रायपुर की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की ईडी कस्टडी में भेजा है।जांच का आधार: यह कार्रवाई रायपुर ईओडब्ल्यू/एसीबी और सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच के लिए शुरू की गई है।

CGPSC पेपर लीक में बड़ा खुलासा: पूर्व चेयरमैन पर रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का आरोप, ईडी ने किया गिरफ्तार
देश में पेपर लीक को लेकर सड़क से संसद तक विरोध का स्वर सुनाई पड़ रहा है। केंद्र सरकार, पेपर लीक मामले में कठोर कार्रवाई के मकसद से संसद में ‘परीक्षा संशोधन बिल’ लेकर आई है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में पेपर लीक केस की जांच में ईडी ने छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तमन सिंह ने गैर-कानूनी फायदे के बदले प्रश्न-पत्र लीक कराए और सिलेक्शन प्रोसेस में हेर-फेर कराया। उन्होंने इसके जरिए अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को बड़े सरकारी पदों पर चयनित कराया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की गिरफ्तारी स्टेट सर्विस परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, प्रश्न-पत्र लीक और गड़बड़ी से जुड़े मामले में ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। तमन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें 30 जुलाई तक, यानी सात दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया। ईडी ने रायपुर की इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग/एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर और उसके बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की जांच के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की थी।

भर्ती नियमों में बदलाव को लेकर क्या दावा है?

यह मामला तमन सिंह सोनवानी और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ 2020 और 2021 में आयोजित छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत स्टेट सर्विस परीक्षाओं के संचालन में आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। जांच से पता चला है कि सीजीपीएससी के चेयरमैन के तौर पर काम करते हुए, तमन सिंह सोनवानी ने दूसरे सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इसका मकसद गैर-कानूनी फ़ायदे के बदले प्रश्न-पत्र लीक करना और सिलेक्शन प्रोसेस में हेर-फेर करना था, ताकि उनके अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस जैसे सीनियर सरकारी पदों पर धोखाधड़ी से चुना जा सके।
मनी ट्रेल को लेकर ED ने क्या कहा?
जांच में यह भी पता चला कि 2021 में सीजीपीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव किया गया था ताकि “परिवार” की परिभाषा से “भतीजे” शब्द को हटाया जा सके, जिससे तमन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों का सिलेक्शन आसान हो जाए। अपराध से हुई कमाई का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया और कुछ हिस्सा कई लेयर वाले बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन के जरिए इधर-उधर किया गया। पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत दर्ज अपने बयान में, उन्होंने टालमटोल वाले और असहयोगात्मक जवाब दिए। जरूरी तथ्यों को छिपाया। अपराध से हुई कमाई का पता लगाने, मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) का पता लगाने और इसमें शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने के लिए उन्हें गिरफ़्तार किया गया है।