JHARKHAND-राज्यपाल से मिला झारखंड उलगुलान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल
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JHARKHAND-राज्यपाल से मिला झारखंड उलगुलान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल

RANCHI-राज्यपाल से मिला झारखंड उलगुलान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय नीति, रोजगार अधिकार एवं अवैध खनन पर सौंपा ज्ञापन

झारखंड उलगुलान मोर्चा के पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज  19 जून 2026 को  महामहिम राज्यपाल महोदय से लोक भवन रांची में मुलाकात कर झारखंड के स्थानीय युवाओं के रोजगार, व्यापार, आर्थिक अधिकारों तथा राज्य में बढ़ रहे अवैध खनन के गंभीर मुद्दे पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय को अवगत कराया कि झारखंड राज्य का गठन आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े एवं स्थानीय समुदायों के लंबे संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप हुआ है। राज्य गठन का मूल उद्देश्य यहां के लोगों के जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति तथा रोजगार के अधिकारों की रक्षा करना था, किंतु आज भी लाखों स्थानीय युवा रोजगार एवं आर्थिक अवसरों से वंचित हैं।

मोर्चा ने मांग की कि झारखंड में स्थानीय नीति को जिला स्तर के अंतिम सर्वे-सेटलमेंट अभिलेख (खतियान), विशेष रूप से 1932 खतियान, स्थानीय भाषा, संस्कृति एवं पारंपरिक पहचान के आधार पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, उद्योगों, कंपनियों, खनन परियोजनाओं तथा सभी प्रतिष्ठानों में 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं के लिए सुनिश्चित किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल का ध्यान राज्य में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कोयला, बालू, अभ्रक (माइका), तांबा, लौह अयस्क तथा अन्य खनिजों के अवैध खनन और तस्करी की ओर भी आकर्षित किया। मोर्चा ने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा की खुलेआम लूट हो रही है, जिससे राज्य को राजस्व की भारी क्षति पहुंच रही है तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों का भी हनन हो रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं, अधिकारियों एवं संरक्षण देने वाले तत्वों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा खनिज संसाधनों से प्राप्त लाभ में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

झारखंड उलगुलान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष रवि पीटर ने कहा कि—
“झारखंड की धरती कोयला, लोहा, तांबा, अभ्रक और अन्य खनिज संपदाओं से समृद्ध है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इन संसाधनों की लूट जारी है और स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। एक ओर बेरोजगारी बढ़ रही है, दूसरी ओर राज्य की संपदा अवैध खनन माफियाओं के हाथों लुट रही है। झारखंड उलगुलान मोर्चा स्थानीय नीति, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करता रहेगा।”
उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।